इंदौर : अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि बीते तीन वर्षों में भविष्य के इंदौर की आधारशिला रखने का काम किया गया है।
नगर निगम ने अपना स्वतंत्र पोर्टल, डिजिटल पता प्रणाली, पेपरलेस बजट प्रणाली और ऑनलाइन टैक्स भुगतान सुविधा लागू कर ई-गवर्नेंस में उल्लेखनीय प्रगति की है।
शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे अपग्रेड कर अपराध नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाई।
जनभागीदारी से ‘इंदौर क्लाइमेट मिशन’ के तहत एनर्जी लिटरेसी अभियान में एक लाख 75 हजार यूनिट से अधिक बिजली की बचत करने के साथ ही नो कार डे जैसे नवाचार कर यह सिद्ध किया कि नागरिक भागीदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।
29 गांव जो 85 वार्ड में सम्मिलित हैं, उनकी कॉलोनियों को पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं देकर नगर निगम ने शहरी न्याय और समावेशिता को सशक्त किया।
नगर निगम के लगभग एक करोड़ दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें स्कैन कर संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है।
तीन वर्षों में शहर में 450 करोड़ की लागत से एक साथ 23 मास्टर प्लान की सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जिसमें 10 सड़कों का कार्य प्रगति पर है जो शहर को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
शहर की बढ़ती जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार के मद्देनज़र नर्मदा जलापूर्ति योजना का चौथा चरण ₹2,134 करोड़ की लागत से प्रारंभ हो चुका है। यह परियोजना न केवल आज की ज़रूरतों का समाधान करेगी, बल्कि आने वाले 25–30 वर्षों तक की जल जरूरतों को भी पूरा करने का काम करेगी।
नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत 416 करोड़ रुपये की लागत से शहर में तीन अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि यह मात्र गंदे पानी के शुद्धिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आगे जाकर संसाधन निर्माण—जैसे बायो गैस, बिजली उत्पादन और पुनः उपयोग योग्य जल—की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
हर वार्ड के लिए अलग डिजिटल मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में पहली बार ठोस कदम उठाया गया है। इसकी शुरुआत वार्ड 82 के “प्रोटोटाइप” से हो चुकी है — जहां सड़कों से लेकर सीवरेज, ट्रैफिक से लेकर स्कूल तक, हर ज़रूरत का डाटा विश्लेषण कर योजनाएं बनाई जा रही हैं।
महापौर भार्गव ने इसके अलावा जलूद सोलर प्लांट, ऑन डिमांड कचरा ऐप, हर घर का डिजिटल पता, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, इंटर्नशिप विथ मेयर, 85 वार्डों में योग शेड का निर्माण, ट्रैफिक मित्र अभियान, सत्ता का विकेंद्रीकरण, स्ट्रीट लाइट और जल प्रबंधन का ऑटोमेशन, महापौर केसरी स्पर्धा, गौ शालाओं का उन्नयन, जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन, वेस्ट से राम मंदिर की प्रतिकृति का निर्माण, सिरपुर तालाब को वेटलैंड सिटी का दर्जा मिलना, दीनदयाल रसोई योजना, संजीवनी क्लीनिक का निर्माण, नए कचरा वाहन, ग्रीन वेस्ट प्लांट जैसे काम भी अपनी उपलब्धियों के बतौर गिनाए।









