न्यायदान में ‘प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक विज्ञान’ का उपयोग विषय पर 26 जुलाई को होगी कार्यशाला

  
Last Updated:  July 25, 2025 " 12:32 am"

अधिवक्ता परिषद द्वारा आयोजित न्यायवाणी 2025 कार्यशाला में सम्मिलित होंगे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपतिगण एवं प्रदेशभर के एक हजार से अधिक अभिभाषक।

इंदौर : अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय, इंदौर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 जुलाई 2025 को “न्यायदान में प्रौद्योगिकी और फॉरेंसिक विज्ञान का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर के रविन्द्र नाट्य गृह में किया जा रहा है।

“न्यायवाणी 2025″ शीर्षक से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेशभर से लगभग एक हजार से अधिक अधिवक्ताओं के साथ ही न्यायिक क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी एवं सतीश चंद्र शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति संजीव सचदेवा, इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति विवेक रूसिया, ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति आनंद पाठक एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ के अन्य न्यायमूर्ति अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों के रूप में म.प्र. शासन के महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत सिंह, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, भोपाल, के विशेष कर्तव्य अधिकारी एवं म.प्र. राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अधिवक्ता विक्रम दुबे, परिषद के मालवा प्रांत के अध्यक्ष अधिवक्ता उमेश यादव तथा पूर्व न्यायाधिपति एवं परिषद के मालवा प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष आई.एस. श्रीवास्तव भी कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

अधिवक्ता परिषद, उच्च न्यायालय, इंदौर इकाई के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन एवं महामंत्री अधिवक्ता प्रसन्ना भटनागर ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से अधिवक्ताओं को विधिक प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकि साधनों एवं फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी, जो आने वाले समय में न्यायदान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाएगी।

बता दें कि इस कार्यशाला की तैयारियाँ विगत एक माह से चल रही हैं। कार्यशाला के सुचारू संचालन हेतु अधिवक्ता परिषद की ओर से मालवा प्रांत के 16 जिलों में प्रवास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारियों ने संबंधित जिला न्यायालयों में अधिवक्ताओं एवं न्यायाधीशों से भेंट कर उन्हें कार्यशाला में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

कार्यशाला के तहत फॉरेंसिक विषय से संबंधित शोध-पत्र भी आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें से श्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित किया जाएगा।

कार्यशाला 26 जुलाई को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक विभिन्न सत्रों में आयोजित की जाएगी। यह आयोजन विधिक समुदाय के लिए ज्ञानवर्धक, विचारोत्तेजक और भविष्य उन्मुख साबित होगा।

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