बेटियों की शादी की उम्र भी हो 21 साल- शिवराज

  
Last Updated:  January 12, 2021 " 11:37 pm"

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल के मिंटो हाल में महिला सुरक्षा को लेकर जन जागरुकता अभियान के तहत आयोजित वर्चुअल सम्मान समारोह में महिलाओं और बालिकाओं का सम्मान किया। सीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत बालिका पूजन के साथ की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बालिकाओं के सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में महिला अपराध में 15 फीसदी कमीं आई है। सीएम शिवराज ने कहा कि जब लड़कों की शादी की उम्र 21 साल है तो हमें बेटियों की शादी की उम्र भी 21 साल कर देनी चाहिए।

किसी मायने में कम नहीं हैं बेटियां।

सीएम ने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बेटियों के जन्म पर मातम मनाते हैं। इस फर्क को दूर करने के लिए ही हमने लाडली लक्ष्मी योजना चलाई। आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटियां बोझ नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला अपराधों के लिए बेहद सतर्कता से काम कर रही है। इसी संवेदनशीलता का परिणाम है कि पिछले 9 महीनों में अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच महिला संबंधी अपराधों में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। सीएम शिवराज सिंह ने बताया कि प्रदेश से करीब 7 हजार बेटियां गायब हुई थीं, जिनमें 4000 को सुरक्षित वापस लाया गया है। बची हुई 3000 बेटियों को ढूंढने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। जल्द ही उन्हें भी वापस लाया जाएगा।

पोर्न फिल्मों पर लगे प्रतिबंध।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पोर्न फिल्मों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इससे बच्चों की मानसिकता दूषित होती है। उन्होंने कहा, ”सोचिए अगर बच्चों के सामने इस तरह की चीजें परोसी जाएंगी तो इसका असर हमारे समाज पर तो होगा ही। हमारा समाज भी तो अजीब है, हर कोई बेटियों को समझाने में लगा रहता है। कोई बेटों को समझाने का प्रयास नहीं करता है। अगर कोई घटना घटती है तो बेटी को दोष दिया जाता है। कुछ हो जाए तो किसी से कहना मत, इस तरह की बात हमारी बेटियों को समझाई जाती है। लेकिन अब वक्त आ गया है कि समाज को बदलना होगा। अगर किसी ने बेटियों के साथ गलत किया तो मामा उसको छोड़ेगा नहीं।

बेटियों के हित के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लेकर आए- शिवराज।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि हम बेटियों के हित के लिए मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2020 लेकर आए हैं। ताकि कोई भी बेटियों को बहलाकर फुसलाकर उनकी जिंदगी तबाह न कर पाए। सीएम ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि मां- बहन के सम्मान से खेलने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को मध्य प्रदेश की धरती पर नहीं रहने देंगे, इन्हें कुचल दिया जाएगा।

प्रदेश से बाहर जाने वाली लड़कियों का होगा रजिस्ट्रेशन- सीएम।

सीएम शिवराज ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब प्रदेश से बाहर पढ़ने या काम करने जाने वाली बेटियों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर जिले में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। अगर बेटी अपने जिले से दूसरे जिले में पढ़ने जाएगी तो उसका रजिस्ट्रेशन उसकी ग्राम पंचायत में कराया जाएगा। वहीं अगर लड़की प्रदेश से बाहर पढ़ाई या जॉब करने जाएगी तो उसका रजिस्ट्रेशन जिला मुख्यालय में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब बेटियों के गायब होने के सभी लंबित मामलों की समीक्षा जिले के पुलिस अधीक्षक करेंगे।

बेटियों के हित में काम करने वालों का किया सम्मान।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेटियों के हित में काम करने वाले लोगों का सम्मान किया। उन्होंने सागर जिले की श्रीबाई को सम्मानित करते हुए उनकी तारीफ की। सीएम ने कहा कि सभी को श्रीबाई की तरह साहस दिखाना चाहिए। वही 13 साल की बच्ची को ह्यूमन ट्रैफिकिंग से बचाने वाले मनोज गायकवाड से भी सीएम शिवराज ने संवाद करते हुए उनकी तारीफ की। इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक कविता के जरिए कहा कि बेटियों पर अत्याचार मामा सहन करने वाला नहीं है। उन्होंने एक कविता भी पढ़ी।

“तब कौन मौन ही रहता है
जब पानी सिर से बहता है
चुप रहना नहीं सुहाता है,
कुछ करना पड़ ही जाता है।
भांजी पर चुभते नश्तर को
ये मामा कभी न सहता है,
तब कौन मौन हो रहता है
जब पानी सिर से बहता है।”

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