मास्क और टीकाकरण ही है कोरोना की रोकथाम के उपाय- कलेक्टर

  
Last Updated:  March 25, 2021 " 01:05 am"

इंदौर : कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए जिला प्रशासन की पूरी तैयारी है। अस्पतालों में फिलहाल पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है लेकिन इनकी अपनी एक सीमा है। जिस तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है, उसको देखते हुए हालात विकट हो सकते हैं क्योंकि आसपास के जिलों से भी मरीज इंदौर का ही रुख करते हैं। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क लगाना और टीकाकरण ही वो उपाय हैं, जिनसे कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है। इस मामले में मीडिया की भूमिका अहम हो जाती है। मीडिया लोगों को मास्क और वैक्सिनेशन को लेकर जागरूक कर सकता है।
ये बात कलेक्टर मनीष सिंह ने कही। वे बुधवार को इंदौर प्रेस क्लब में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम को लेकर प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दे रहे थे। डीआईजी मनीष कपूरिया भी इस दौरान मौजूद थे।

4700 बेड की है क्षमता।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए करीब 48 निजी व सरकारी अस्पतालों में कुल 4700 बेड कोरोना पेशंट के लिए निर्धारित हैं। अगर कुछ बेड बढा भी दिए जाएं तो ये क्षमता 5 हजार बेड तक ले जाई जा सकती है। कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण में तेजी आई है। आज की स्थिति में 1600 कोरोना संक्रमित मरीज निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 1800 के करीब होम आइसोलेशन में हैं। इनमें से कुछ मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट करने की स्थिति भी बनती है। ऐसे में देखा जाए तो फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।हालांकि बॉम्बे हॉस्पिटल, मेदांता और अन्य बड़े अस्पतालों में बेड खाली नहीं हैं। अरविंदो और इंडेक्स में जरूर बेड उपलब्ध हैं।

आसपास के जिलों से मरीजों का दबाव बढ़ने पर आ सकती है दिक्कत।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि फिलहाल आसपास के जिलों से आनेवाले कोरोना मरीजों की संख्या कम है। वहां से आनेवाले मरीजों की संख्या बढ़ी तो परेशानी बढ़ सकती है। बेड की संख्या बढा भी दी जाए तो ट्रेंड पैरा मेडिकल व तकनीकि स्टॉफ कम है।

बाहर से आनेवालों की स्क्रीनिंग का इंतजाम।

मनीष सिंह ने कहा महाराष्ट्र में कोरोना विस्फोट को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर दी गई है। बसों का आवागमन भी रोक दिया गया है। रेलवे स्टेशन पर पर भी स्क्रीनिंग का इंतजाम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मास्क और वैक्सिनेशन ही रोकथाम के उपाय।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के साथ मास्क और वैक्सीन ही कारगर उपाय हैं। मास्क लगाने से संक्रमण से बचाव हो सकता है। वहीं वैक्सीन इसका स्थायी समाधान है। इंदौर जिले में कुल 244 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 150 शहरी इलाके में हैं।

मीडिया वैक्सिनेशन को लेकर लाए जागरूकता।

कलेक्टर ने कहा कि टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में अभी भी हिचक है। प्रशासन ने 50 हजार टीकाकरण प्रतिदिन की व्यवस्थाएं जुटा रखी हैं। ऐसे में मीडिया वैक्सिनेशन के लिए जनता को जागरूक करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

जनता नब्ज से परिचित होता है मीडिया।

इसके पूर्व डीआईजी मनीष कपूरिया ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना से मीडिया भली भांति परिचित है। ऐसे में शासन- प्रशासन के कोरोना की रोकथाम को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी जनता तक पहुंचाने का काम मीडिया ही कर सकता है।उन्होंने कहा कि शहर के लोग मास्क लगाने के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर अपनी जिम्मेदारी का परिचय दे रहे हैं। उम्मीद है कि हम जल्द ही कोरोना संक्रमण पर काबू पाने में कामयाब होंगे।

कलेक्टर और डीआईजी ने पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए।
प्रारम्भ में इंदौर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कलेक्टर मनीष सिंह और डीआइजी मनीष कपूरिया का स्वागत किया। संचालन प्रदीप जोशी ने किया। आभार महासचिव हेमंत शर्मा ने माना।

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