मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किया दावा।
इंदौर : पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का अवशिष्ट भस्मक में जलाने के बाद राख में किसी भी प्रकार के पेस्टीसाइड एवं इनसेक्टीसाइड मौजूद नहीं पाये गये,जो कैंसर के मुख्य कारण होते हैं। इसमें हेवी मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित पायी गयी। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जनसम्पर्क अधिकारी मनोज कुमार मंडरई ने यह जानकारी दी।
मंडरई ने बताया कि पीथमपुर प्लांट में जलाये गये वेस्ट के बाद उत्पन्न हुई राख में किसी भी रसायन का रिसाव भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित नहीं कर सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इससे कोई खतरा नहीं है और इसकी 30 वर्षों तक मॉनीटरिंग भी की जाएगी।
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