रीवा : रीवा जिले के चाकघाट तहसील क्षेत्र के ढकरा सोनौरी गांव की निवासी गर्भवती महिला ने ऐसे बच्चे को जन्म दिया है, जिसकी शक्ल हुबहु एलियन से मिलती है।
परिजनों के मुताबिक चाकघाट अस्पताल में महिला की नार्मल डिलेवरी हुई। जन्मा बच्चा असामान्य होकर उसकी हालत गंभीर है। उसे रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल के ICU वार्ड में रख कर इलाज किया जा रहा है।
समय से दो माह पहले हुआ बच्चे का जन्म।
ढकरा सौनौरी गांव की निवासी शांति देवी पटेल के ने बताया कि बहू प्रियंका पटेल को प्रसव पीड़ा के बाद मंगलवार की रात चाकघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह 7 बजे नार्मल डिलेवरी हुई, लेकिन बच्चे का शरीर क्षत-विक्षत नजर आया। उसका चेहरा भी अजीब तरह का है। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गांधी मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर किया। शांति देवी ने बताया कि बहू की जांच कराने उसे समय-समय पर शासकीय और प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था, जहां अल्ट्रासाउंड के बाद भी डॉक्टरों ने मां और बच्चे को स्वस्थ बताया जबकि डिलीवरी के बाद बच्चा अस्वस्थ पैदा हुआ।
अनुवांशिक लाइलाज बीमारी का शिकार है बच्चा।
गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के डॉ. नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि अनुवांशिक बीमारी से ग्रसित एक नवजात चाकघाट अस्पताल से रेफर किया गया है। अनुवांशिक बीमारी में दोनों ही पेरेंट्स “कैरियर” होते हैं ( इसका मतलब यह है कि माता-पिता के पास असामान्य जीन की एक प्रति है, लेकिन वे खुद उस बीमारी से पीड़ित नहीं हैं। अगर दोनों माता-पिता एक बीमारी के वाहक हैं, तो बच्चे में उस बीमारी के विकसित होने का 25 प्रतिशत खतरा होता है ) जिसके चलते वो बीमारी गर्भ में पल रहे बच्चे को हो जाती है।
इस गंभीर लाइलाज बीमारी के चलते बच्चे को स्किन फिशर हो जाती है और स्किन फट जाती है। चेहरा पूरा डिफेक्टिव हो जाता है और आंख की पुतलियां बाहर आ जाती है। इस बीमारी में बचने की संभावना बहुत कम होती है। अस्पताल में भर्ती नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। इसे हार्लेक्विन इचिथोसिस बीमारी कहते हैं।








