एक अरब 16 करोड़ 40 लाख 41 हजार 93 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।
इन्दौर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा दिए गये निर्देशों के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इन्दौर बीपी शर्मा के मार्गदर्शन में शनिवार को आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में सर्वाधिक लंबित मामलों का निराकरण करने का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा इस नेशनल लोक अदालत में अधिकतम मामलों का निराकरण सुनिश्चित किए जाने के लिए समय-समय पर जिला मुख्यालय तथा समस्त तहसील न्यायालयों में पदस्थ न्यायाधीशगण एवं विभिन्न विभागों के साथ कई बैठकें आयोजित की गई। उन्हें अधिक से अधिक संख्या में आपसी सहमति से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रयास करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए थे। परिणाम स्वरूप शनिवार को आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत ने पिछली समस्त लोक अदालतों में निराकृत हुए कुल प्रकरणों का रिकार्ड तोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
शनिवार को संपन्न हुई नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक 276, सिविल 92, मोटर दुर्घटना क्लेम 603, विद्युत 291, चेक बाउंस 1654, बैंक रिकवरी 17, भू-अर्जन 02, वैवाहिक 168, श्रम 23 व अन्य 3106 प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी 44, विद्युत 66, जलकर 1390 ट्राफिक चालन के 1066 व अन्य 8326 से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर निराकृत हुए।
प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लंबित क्लेम प्रकरण में 38 लाख रूपये का अवॉर्ड पारित हुआ।इसके अतिरिक्त एक अन्य सिविल वाद में वादी के स्वामित्व एवं आधिपत्य की विवादित कृषि भूमि का विवाद था, जिसमें प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा उभय पक्ष से राजीनामे में बातचीत की गई। राजीनामा अनुसार उभय पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि प्रतिवादी 6 करोड़ रूपये वादी को एक माह के अंदर अदा करेंगे। राशि प्राप्त करने के बाद विवादित कृषि भूमि का आधिपत्य वादी के द्वारा प्रतिवादी को सुपुर्द कर दिया जाएगा। लोक अदालत में कुल एक अरब 16 करोड़, 40 लाख, 41हजार 093 रपए के अवॉर्ड पारित किए गए।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में विशेष प्रयास हेतु समस्त न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला न्यायाधीश आसिफ अहमद अब्बासी, जिला विधिक सहायता अधिकारी मिथिलेश डेहरिया, अधिवक्तागण एवं समस्त कर्मचारीगण को धन्यवाद ज्ञापित किया है।









