व्यंकटेश देवस्थान में आस्था व उल्लास के साथ मनाया गया गोदा – रंगनाथ का विवाहोत्सव

  
Last Updated:  January 13, 2023 " 05:55 pm"

धनुर्मास महोत्सव के तहत 27 वे दिन मनाया गया गोदा- रंगनाथ विवाहोत्सव।

धनुर्मास में प्रभु रंगनाथ ने भगवती गोदा की आराधना से प्रसन्न होकर 27 वे दिन विवाह कर किया था अपने मे समाश्रित।

हजारो वैष्णव भक्त बने प्रभु गोदा- रंगनाथ के विवाह के साक्षी।

गोविंदा गोविंदा के जयघोष से आज गूंज उठा पूरा देवस्थान।

151 घडो का खिरान भोग प्रभु को समर्पित किया गया।

इंदौर : धनुर्मास के तहत प्रभु रंगनाथ और गोदा का विवाहोत्सव छत्रीबाग स्थित व्यंकटेश देवस्थान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।भीनी भीनी इत्र की महक,फूलों से सजा प्रभु का विवाह मंडप, शहनाई की धुन,सखियों द्वारा विवाह के गीतों का मधुर गान,गोविंदा- गोविंदा के जयकारे के और बाजे गाजे के साथ हाथों में लिए भगवती के रत्न जड़ित गहने,वस्त्र,फल,व डॉयफ्रूट लेकर चलते वधू पक्ष के यजमान श्रीविभूषित श्रीमदजगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज*के साथ ही गयाजी पीठाधीश्वर वैंकटेशप्रपन्नाचार्य भगवती गोदा अम्बा के श्री विग्रह को गोद में लेकर सभी भक्तों के साथ सत्संग मंडप में पहुंचे।

बाद में प्रभु रंगनाथ की बारात सजे – धजे नाचते – गाते, झूमतेे बारातियों के साथ निकली।
बारात घूमती हुई नाचते- गाते सत्संग हाल में पहुचते ही इत्र,गुलाब जल,व पुष्पों द्वारा सभी का स्वागत किया गया। तोरण लगाकर रंगनाथ प्रभु ने विवाह मंडप में प्रवेश किया।

प्रभु रंगनाथ के पधारते ही दक्षिण से पधारे भजन गायक मनोहर करवा ने गाजे बाजे से पधारो रंगनाथ,बहारो फूल बरसाओ मेरे रंगनाथ आए हैं,, रंग जी बना की गोदा बनी रे दुल्हनिया,आओ मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो, मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो जैसे मंगल गीत गाए। हर कोई मस्त होकर अपने प्रभु के ब्याह में नाच रहा था। साथ ही वेदोक्त रूप से भी मंत्रोच्चार चल रहे थे।

देवस्थान के पंकज तोतला ने बताया कि पुजारी बिहारी काका मुकुंद रामानुज दास,पाठशाला के मनोहर शास्त्री, ,कैलाश शास्त्री, द्वारा विवाह मंडप में वर पक्ष रमेश चितलांगया व वधु पक्ष कल्याणमल मंत्री दोनों परिवार द्वारा संकल्प कराकर विवाह की रस्में हल्दी,मेहंदी,वस्त्रों का आदान प्रदान,मायरा, चाक,भात,गठ जोड़ा,लड्डू झिलाय की रस्में संकल्प कराकर कराई गई।

तत्पश्चात वर माला के लिए प्रभु रंगनाथ की गोदा को व गोदा की रंगनाथ को माला धारण कराई गई। पश्चात अग्नि प्रज्वलित कर सात फेरे संपन्न कराए गए और मंगल सूत्र व मांग भराई की रस्में निभाई गई।

सभी भक्तों को विवाह का रक्षा सूत्र बंधा गया।सभी भक्तों ने कन्या दान में भागीदारी कर पुण्य लाभ लिया।

इन अवसर पर नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के साथ ही गया पीठाधीश्वर वैंकटेश प्रपन्नाचार्य ने गोदा अम्बा के पूरे माह के पावन पर्व का महत्व बताया।

151 कलश खिरान का लगा भोग।

विवाह पश्चात् गोदा अम्बाजी द्वारा प्रभु रंगनाथ जी को संकल्प अनुसार सभी 108 दिव्य देशों की ओर से 151 खिरान से भरे घड़ों का भोग अर्पित किया गया जिस पर सुहाग के कुमकुम की डिबिया, चूड़ियां व लक्ष्मीजी का कुमकुम भी रखा गया था।

प्रभु गोदा- रंगनाथ की आरती की गयी। प्रभु की नजर उतार कर वारनि की गई।हजारो वैष्णव भक्तो ने गोविंदा गोविंदा का जयघोष कर उत्सव का आनंद लिया प्रभु के विवाह उपलक्ष में खुशियां मनाई गई। सभी भक्तों को स्वामीजी द्वारा बधाई दी गयी।काजू ,बादाम, मखाने उड़ाए गए।खिरान प्रसाद वितरण के साथ उत्सव का समापन हुआ।

इस अवसर पर ट्रस्टी रवींद्र धुत,पवन व्यास,राजेन्द्र सोनी,आनंद बजाज,पदमेश मूंदड़ा,सुमित मंत्री,लछु लड़ा,सुरेश राठी, ऋषि शर्मा, पवन भलिका,सुनील राठी,कमल शर्मा,रोहित काकानी सहित कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।

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