इंदौर : सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की दूसरी लहर में आर्थिक तंगी और परेशानियों के मद्देनजर फिर से लोन मोराटोरियम यानि ऋण स्थगन राहत व बैंकों द्वारा एनपीए की घोषणा पर अस्थायी रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह वित्तीय मामलों का विशेषज्ञ नहीं हैं।
जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि हम वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ नहीं हैं। हम वित्तीय प्रभावों का अनुमान नहीं लगा सकते हैं। ये मुद्दे नीतिगत फैसलों के दायरे में हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह सरकार का काम है कि वह स्थिति का आकलन कर उचित निर्णय ले।
Related Posts
February 12, 2023 देह व्यापार के अड्डे का पर्दाफाश, संचालक व 4 युवतियां आई गिरफ्त में
तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के लिंबोदी में एक अपार्टमेंट के फ्लैट में चल रहा था देह […]
November 10, 2022 बेहतर करने की गुंजाइश हर समय होती है, स्वच्छता में इंदौर के सर्वोच्च स्थान को रखेंगे बरकरार
स्मार्ट सिटी, मेट्रो, ट्रैफिक मैनेजमेंट, गुड गवर्नेंस, वायु गुणवत्ता पर करेंगे […]
July 24, 2021 गोलीकांड के आरोपी सतीश भाऊ का गुर्गा लुनिया चढ़ा पुलिस के हत्थे
इंदौर : क्राइम ब्रांच ने सतीश भाऊ गैंग से जुड़े कुख्यात बदमाश सत्यनारायण लूनिया को पकड़ […]
December 4, 2021 टंट्या मामा स्मृति दिवस समारोह में सीएम शिवराज ने की कई घोषणाएं, पेसा एक्ट लागू करने और आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे देने का किया ऐलान
इंदौर : नेहरू स्टेडियम में आयोजित जननायक टंट्या मामा स्मृति समारोह में पहुंचे सीएम […]
October 8, 2021 निगम के जोनल कार्यालयों पर अवैध निर्माणों की कम्पाउंडिंग हेतु लगाए गए शिविर
इंदौर : निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के निर्देश पर नियमों के तहत आने वाले अवैध निर्माणों की […]
February 18, 2023 मेले के जरिए जनजातीय जीवन शैली और खानपान से रूबरू हो रहे इंदौर वासी
इंदौर : मेले, सभ्यता और संस्कृतियों के मेल मिलाप के प्रतीक तो होते ही हैं, साथ ही साथ […]
January 13, 2017 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थी पंचायत में कई घोषणाएं की भोपाल। म.प्र. बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले […]