नवरतन बाग स्थित सरकारी आवास में लगाई फांसी।
आत्महत्या के कारणों का फिलहाल नहीं हो सका खुलासा।
इंदौर : इंदौर के वन मंडल अधिकारी महेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार को नवरत्न बाग स्थित अपने सरकारी बंगले में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेस्ट के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ सोलंकी ने यह कदम क्यों उठाया इस बात का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर वन मंडल अधिकारी का शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी करीब 12.30 बजे अपने घर के ऊपर के कमरे में आराम करने गए थे। इसके बाद से नीचे नहीं आए, जिस समय उन्होंने यह कदम उठाया उस वक्त बुजुर्ग माता पिता घर में ही थे जबकि पत्नी खरगोन गई हुई थी। प्रारंभिक जांच में इस बात का खुलासा नहीं हो पाया की वन मंडल अधिकारी ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।
वन मंडलाधिकारी महेंद्र सिंह सोलंकी के सुसाइड की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे एसीपी अमित सिंह ने भी घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया।
वनमंडलाधिकारी महेंद्र सिंह सोलंकी मूलतः खरगोन के रहने वाले थे। वे पिछले दो साल से इंदौर में पदस्थ थे। सात महीने बाद वह रिटायर होने वाले थे। इंदौर में सोलंकी माता-पिता और पत्नी के साथ रहते थे। सोलंकी का एक बेटा और एक बेटी है। बेटी एमबीबीएस कर रही है। पत्नी शिक्षा विभाग में कार्यरत थी। कुछ महीने पहले ही वह रिटायर हुई हैं।