पक्षी तीर्थ योजना के तहत परिंदों के लिए बनाए जा रहे घरौंदे का भूमिपूजन
इंदौर : मूक परिंदों की सेवा और उनके संरक्षण के लिए घरौंदे के निर्माण की योजना प्रेरक और प्रशंसनीय तो है ही, पुण्यदायी भी है। पक्षी बोल तो नहीं सकते, लेकिन उनकी चहचहाहट ही पर्याप्त है उनकी खुशियों को समझने के लिए। परिंदों को गर्मी, वर्षा और ठंड जैसे मौसम की मार से बचाने के लिए उन्हें एक आशियाना उपलब्ध कराने की यह सोच वंदनीय है। इस तरह के घऱोंदे शहर के हर क्षेत्र में बनना चाहिए।ये प्रेरक विचार हैं और पढ़े











