माता की चौकी से हुआ भारतीय पत्रकारिता महोत्सव का समापन
इन्दौर : रविवार रात चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है…। आज तेरा जगराता माता…, पंखिड़ा ओ पंखिड़ा…, भक्तों को दर्शन दे गई रे…, महाकाली का खड़क निराला, गले में नरमुण्डों की माला…, मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा…, माँ के हाथों सौंप दी नैय्या…, बांके बिहारी कजरारे तेरे मोटे-मोटे नैन…, मेरी झोली छोटी पड़ गई इतना दिया माता ने… जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक भजनों से रवींद्र नाट्यगृह गुंजायमान रहा। मौका था स्टेट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित भारतीय पत्रकारिता और पढ़े











