डॉ. एसएन तिवारी सम्मान से नवाजे गए रचनाकार, ‘आम के पत्ते’ का हुआ विमोचन
इंदौर: सम्मान जब मिलता है तो वह और बेहतर लिखने की प्रेरणा देता ही है, रचनाकार का दायित्व भी बढ़ा देता है कि वह लगातार अच्छी रचना रचे। लघुकथा लिखना आसान नहीं है। जितना कठिन उपन्यास लेखन है उतना ही कठिन है लघुकथा लेखन। लघुकथा आकार में भले लघु हो पर दीर्घ प्रभाव छोड़ती है। यह बात जाने-माने कहानीकार मनीष वैद्य ने कही।वे रविवार को वरिष्ठ शिक्षक और लेखक स्व. डाॅ.एस.एन.तिवारी के पुण्य स्मरण दिवस पर रचनाकारों के सम्मान समारोह और पढ़े











