भारत एकमात्र देश है जिसकी सांस्कृतिक धारा कभी अवरुद्ध नहीं हुई- आरिफ मोहम्मद खान
इंदौर: जो सपने आजादी की लड़ाई में देखे गए थे, आजादी के अमृत काल मे उन्हें पूर्ण करने का वक़्त आ गया है। भारत आजादी का अर्थ बेहतर समझता है। लम्बी गुलामी के बाद भी हमारे मूल्यों में कोई फर्क नहीं आया और हमारे सांस्कृतिक मूल्य इस बात का सबूत है।आजादी वो है जिसमें इंसान में प्रेमभाव हो। तेरा-मेरा गुलामी का भाव है। वसुधैव कुटुम्बकम भारत की देन है। भारत की सांस्कृतिक धारा कभी भी अवरुद्ध नहीं हुई। दुनिया में और पढ़े











