कुतुबमीनार महाराजा विक्रमादित्य द्वारा निर्मित वेधशाला है..!
नर्मदा साहित्य मंथन में पुरातत्वविद डॉ. धर्मवीर शर्मा ने किया दावा। धार : नर्मदा साहित्य मंथन – भोजपर्व के दूसरे दिन की शुरुआत माँ वाग्देवी के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्रथम सत्र में “भोजशाला एक स्थापित विश्वविद्यालय” विषय परसुप्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ धर्मवीर शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारी समृद्धि का प्रमाण यह है कि सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान भारतीय लोग मेसोंपोटामिया की सभ्यता में व्यापार करते थे। वहां मेहलुआ और पढ़े











