गौभक्त कहलाने वालों के राज में गौमाता की हो रही अकाल मौतें- कमलनाथ

  
Last Updated:  January 31, 2022 " 06:36 pm"

भोपाल : पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल के बैरसिया में एक भाजपा नेत्री द्वारा संचालित गौशाला में सैकड़ों गायों के शव मिलने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा गौशाला की सामने आई तस्वीरें बेहद पीड़ादायक व दर्दनाक हैं।
प्रदेश की राजधानी से सटे इलाक़े की यह स्थिति है तो दूर-दराज के ग्रामीण इलाक़ों की स्थिति क्या होगी..? समझा जा सकता है। शिवराज सरकार में प्रदेश के कई जिलों से दम तोड़ती गायों की तस्वीरें निरंतर सामने आ रही हैं। इससे धार्मिक भावनाएँ भी आहत हो रही हैं। सरकार व ज़िम्मेदार मूकदर्शक बनकर यह सब देख रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाए जा रहे हैं।

हमने गौवंश की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए थे।

कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार में हमने गौवंश की सुरक्षा , संरक्षण ,संवर्धन व उनके भरण-पोषण के लिए कई उल्लेखनीय कदम उठाए थे। प्रदेश में प्रारंभिक चरण में हमने 1 हज़ार आधुनिक गौशालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया था। चारे की राशि को भी बढ़ाया था। सड़कों पर घूमकर दुर्घटना का शिकार हो रही गौमाता की सुरक्षा को लेकर भी हमने निर्देश जारी कर कदम उठाए थे लेकिन अफसोस है कि जो खुद को सबसे बड़ा धर्म प्रेमी बताते हैं , जो ख़ुद को बड़ा गौभक्त बताते है , उनकी सरकार में गौमाता की आज यह स्थिति है ?

शिवराज सरकार में गौमाता की हो रही अकाल मौतें।

जो लोग गौमाता को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं , बड़ी-बड़ी बातें करते है , गौ केबिनेट बनाने की बात करते हैं ,आज उनकी सरकार में गौमाता प्रतिदिन अकाल मृत्यु का शिकार हो रही है।

सरकार बताएं गौशालाओं को लेकर क्या इंतजाम हैं..?

कमलनाथ ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि प्रदेश के किस-किस ज़िले में कुल कितनी गौशालाएँ संचालित हो रही है , कौन-कौन संस्थाएं इसे संचालित कर रही हैं , कितना गौवंश इन गौशालाओं में है , उन्हें इसके लिए कुल कितना अनुदान सरकार की तरफ़ से प्रतिवर्ष दिया जा रहा है ,इन गौशालाओं को लेकर सरकार के क्या इंतज़ाम है , इन गौशालाओं में गौमाता के स्वास्थ्य के परीक्षण को लेकर क्या इंतजाम है , नियमित देख रेख की क्या व्यवस्था है , कौन इसके लिए जवाबदेह है ,चारे-भूसे व भरण-पोषण को लेकर क्या व्यवस्था है , क्या इंतज़ाम हैं ?

अनुदान की राशि में भ्रष्टाचार।

कमलनाथ के अनुसार यह बात भी सामने आयी है कि बैरसिया की इस गौशाला को भी पिछले वर्षों में लाखों का अनुदान दिया गया है। उसके बाद भी चारे के अभाव में ,भूख से गायों की मौते हो रहीं हैं। क्या अनुदान की राशि व चारे की राशि में भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है , चारे की राशि को भी डकारा जा रहा है ?

गौशालाओं को दी अनुदान राशि की जांच करवाएं।

कमलनाथ ने कहा कि मैं सरकार से माँग करता हूँ कि प्रदेश भर में गौशालाओं को दिए जा रहे अनुदान की राशि की जाँच हो , गौशालाओं की मानीटरिंग की व्यवस्था हो , गायों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो , उनके भरण पोषण व भूसे-चारे की गौशालाओं में पूर्ण व्यवस्था हो , ताकि भूख से किसी भी गाय की मौत ना हो।
साथ ही मैं सरकार से यह माँग भी करता हूँ कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल सभी आवश्यक कदम उठाये जाएं। जवाबदेही तय हो ,जो इस तरह की घटनाओं के दोषी हैं , उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

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