छात्रों में हो सीखने की इच्छाशक्ति- डॉ. जैन

  
Last Updated:  October 6, 2021 " 09:15 pm"

इंदौर : प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एवं रिसर्च, यूजी कैंपस द्वारा नए प्रवेशित अंडर ग्रेजुएट छात्रों के लिए दीक्षारम्भ का आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन के इम्पीरियल हॉल में किया गया । समारोह में ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड के माध्यम से सभी स्ट्रीम के छात्र शामिल हुए। दीक्षारम्भ के मुख्य अतिथि राजदूत डॉ. दीपक वोरा , प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के विशेष सलाहकार, विशिष्ट अतिथि भावना शाह, क्षेत्रीय प्रमुख, भारत- श्रीलंका, मलेशियाई पाम ऑयल काउंसिल थे । संस्थान ने छात्रों के लिए 3 दिन के ओरिएंटेशन सत्र का भी आयोजन किया है, जो बुधवार से शुरू हो रहा है ।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना के की गई। प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन, डॉ डेविश जैन ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “हमें आत्मचिंतन, आत्ममंथन करने की आवश्यकता है जो हमें आत्मानिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा । कॉलेज लाइफ अनुभवों और कई नई चीजों को सीखने का अवसर देती है। इसीलिए विद्यार्थियों के लिए यह बेहद ज़रूरी है की वह कॉलेज के माहौल में बेहतर ढंग से समायोजित हों, छात्रों में सीखने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। उन्हें सही दृष्टिकोण बनाने और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को भी समझने का प्रयास करना चाहिए।“

मुख्य अतिथि, डॉ. दीपक वोरा , ने कहा “शिक्षा मानव की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है। युवा देश के लिए जरूरी हैं। भारत विश्व की सांस्कृतिक जननी है, हम सभी को राष्ट्र निर्माण में एक सुखद भविष्य के लिए योगदान देना होगा।“

डॉ हर्षवर्धन हलवे, डायरेक्टर इंचार्ज यूजी कैंपस ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़े विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा “हर शैक्षिक संस्थान एक द्वार की तरह है, जो छात्रों को नए अवसरों से अवगत करने के साथ उनके सामाजिक और बौद्धिक विकास में योगदान देता है। हमारा उद्देश्य यह है की कॉलेज के शिक्षा के दौरान, छात्रों को नए विचारों और सोचने के वैकल्पिक तरीकों से परिचित कराया जाएगा। इसकी शुरुआत हमने दीक्षारम्भ और ओरिएंटेशन सत्र के माध्यम से किया है । “

विशिष्ट अतिथि भावना शाह, क्षेत्रीय प्रमुख, भारत और श्रीलंका, मलेशियाई पाम ऑयल काउंसिल ने कहा “एक समय होता है जब आपको अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेना होता है। औद्योगिक क्रांतियाँ बड़े बदलाव लाती हैं आईटी, एआई (डिजिटल, भौतिक और जैविक) पर क्या हम अगली औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार हैं? अधिक तकनीक के साथ बढ़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं, युवा पीढ़ी के पास संस्थानों के माध्यम से सीखने और तलाशने के संसाधन है ।हमें कॉलेज की पढाई के आगे की रणनीति तैयार करनी होगी । खुद की प्रतिभा की कैसे खोज करें और उसे अपनी ताकत में बदलने की कोशिश करे, यह आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम दे सकता है।एक नया चलन है- लोगों को फॉलो लोग हीं करते हैं, आपको अपना खुद का संचार ब्रांड करना होगा, यदि अवसर दस्तक नहीं देता है, तो स्वयं ही रास्ता बनाएं ।

दीपिन जैन, वाईस चेयरमैन प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन ने कहा “यह कार्यक्रम एक सूत्र है जिससे छात्रों को कॉलेज के वातावरण, शैक्षणिक अध्ययन, और परिसर समुदाय के साथ नेटवर्क के साथ महत्वपूर्ण संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा । छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे टीम वर्क की अवधारणा एवं संचार के महत्व को समझें और समग्र दृष्टिकोण के साथ शिक्षा प्राप्त करें।“ उन्होंने छात्रों को बधाई दी, पीआईएमआर से छात्रों को मिलने वाले अनूठे अनुभवों का जिक्र किया और कहा “आप बच्चे भाग्यशाली हैं क्योंकि पिछले साल छात्रों को समारोह में शामिल होने का मौका नहीं मिला था ।यह एक सुंदर यात्रा होने जा रही है।”

प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के सीओओ डॉ. अनिल वाजपेयी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा “आप एक यूनिफॉर्म से दूसरी यूनिफॉर्म की तरफ़ आगे बढ़े हैं और नई यूनिफॉर्म कहती है कि मैं अपने आने वाले पूरे जीवन के लिए तैयार होने जा रहा हूं। आने वाले समय में कॉलेज की कई रचनात्मक गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं । आप सब किसी न किसी कार्यक्रम का हिस्सा ज़रूर बने जिससे आप प्रबंधन और अनुशासन को सीखें और सबसे बढ़कर जीवन के अर्थ को समझें।

कोविड के कारण पारंपरिक शिक्षा पद्धति में ठहराव आया था और हम सब ऑनलाइन एजुकेशन के ओर बढ़ चले थे, अब हालात सामान्य हो रहे हैं और कॉलेजों में विद्यार्थियों का आगमन हो चला है । इस कार्यक्रम का आयोजन आनेवाले समय में कैंपस लाइफ को जीवंत करने और छात्रों का सर्वांगीण विकास करने के भावना के साथ किया गया था।

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