वेदों को स्कूल -कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल करना चाहिए
इंदौर : आज हम जिस योग, वास्तु, ज्योतिष पर्यावरण एवं अन्य मुद्दों पर नवाचार कर रहे हैं, वे सब हजारों वर्ष पहले ही हमारे वेदों में समाहित हैं। हमारे चारों वेद जीवन जीने की कला सिखाते हैं। दुनिया का ऐसा कोई भी विषय नहीं है, जिसका उल्लेख वेदों में नहीं किया गया हो। वेद भारतीय धर्म एवं संस्कृति के प्राण तत्व हैं। इनमें ज्ञान का अथाह भंडार भरा हुआ है। वेदों के ज्ञान से ही मानव स्वयं को महामानव के और पढ़े











