इंदौर : सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की दूसरी लहर में आर्थिक तंगी और परेशानियों के मद्देनजर फिर से लोन मोराटोरियम यानि ऋण स्थगन राहत व बैंकों द्वारा एनपीए की घोषणा पर अस्थायी रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह वित्तीय मामलों का विशेषज्ञ नहीं हैं।
जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि हम वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ नहीं हैं। हम वित्तीय प्रभावों का अनुमान नहीं लगा सकते हैं। ये मुद्दे नीतिगत फैसलों के दायरे में हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह सरकार का काम है कि वह स्थिति का आकलन कर उचित निर्णय ले।
Related Posts
June 12, 2021 धारा 370 को लेकर दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी ने बोला हमला, कहा ‘कांग्रेस का हाथ, पाकिस्तान के साथ’
इंदौर : कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह संवेदनशील मुद्दों पर विवादित बयान देकर नित नए […]
June 18, 2024 सड़क किनारे कैनोपी लगाकर अवैध रूप से प्लॉट बेचनेवालों पर की गई कार्रवाई
इंदौर : जिले में सड़क किनारे कैनोपी लगाकर अवैध रूप से प्लाट विक्रय करने वालों के खिलाफ […]
January 14, 2024 घर बैठे श्रद्धालु श्रीराम मंदिर में प्रज्ज्वलित कर सकेंगे दीपक
इंदौर के आईटी प्रोफेशनल युवाओं ने बनाया श्रीराम मंदिर का 3 डी प्रतिरूप।
इंदौर : […]
May 1, 2024 पुरुषवादी समाज में महिलाओं को आंका जाता है कमतर..
जन्म के पहले ही महिलाओं का शुरू हो जाता है उत्पीड़न।
निर्भया केस नहीं होता तो […]
April 23, 2021 राधास्वामी सत्संग के कोविड केअर सेंटर में बेड के लिए करवाना होगा पंजीयन
इंदौर : मां अहिल्या कोविड केयर सेंटर, राधा स्वामी सत्संग ब्यास , इन्दौर में बेड पाने के […]
May 23, 2021 संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए लागू हो गेस्ट कंट्रोल एक्ट- मालू
इंदौर : खनिज विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू नें केंद्र सरकार से आग्रह किया […]
June 14, 2023 बाहुबाली – 3 में प्रभास के साथ दो – दो हाथ करते नजर आएंगे इंदौर के अथर्व पहलवान
इंदौर : आगामी दिनों में बड़े पर्दे पर करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली बहुचर्चित फ़िल्म […]