प्रकृति का सरंक्षण ही देवतत्व की अभिव्यक्ति है – उत्तम स्वामीजी
इंदौर : अनादि काल से प्रकृति हमारी पूजक रही है।जल,नदी,सागर,पेड़,पौधे,वायु इन सभी को हमारे सनातन धर्म ने देव तत्व माना है। हर पूजा इन सभी के बिना अधूरी है। इस धरा की रक्षा करना हम सब धरती मां के पुत्रों की जिम्मेदारी है। आज हमारी प्रकृति संकट में है कई चुनौतिया हमारे सामने हैं, इन सभी से संघर्ष करते हुए हमें अपनी प्रकृति को बचाना है। प्रकृति के लिए निस्वार्थ जीना होगा, निरंतर जागरण करना होगा। प्रकृति का सरंक्षण ही और पढ़े











