फॉर्म जीएसटीआर – 3 बी में संशोधन को लेकर टीपीए ने दिए सुझाव

  
Last Updated:  September 16, 2022 " 06:56 pm"

इंदौर : सीबीआईसी ने फॉर्म जीएसटीआर 3 बी के सरलीकरण और संशोधन के लिए करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स से सुझाव मांगे थे |इस हेतु टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (टीपीए) इंदौर ने अपने सभी सदस्यों से राय मांगी थी और उस आधार पर केंद्रीय सरकार को प्रतिवेदन भेजा है |
टीपीए ने प्रतिवेदन की एक प्रति पार्थराय चौधरी, कमिश्नर सीजीएसटी को भी दी और बिंदुवार एसोसिएशन के सुझावों से उन्हें अवगत करवाया।
यह जानकारी देते हुए टीपीए के सीजीएसटी सचिव सी. ए. मनोज पी गुप्ता ने बताया कि करदाताओ को इनपुट टैक्स क्रेडिट फॉर्म 3-बी क्रेडिट तभी मिल पाती है जब विक्रेता ने अपना जीएसटीआर -1 , अगले माह की 11 तारीख तक भर दिया हो | जीएसटीआर -3 बी भरने की अंतिम तिथि माह की 20 तारीख होती है | अतः 11 तारीख के पश्चात् यदि कोई विक्रेता अपना जीएसटीआर- 1 भरता है तो उसकी क्रेडिट क्रेता को उसी माह में न मिलकर अगले माह में मिलती है जिससे कि करदाताओं को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है| इसलिए सरकार को भेजे गए प्रतिवेदन में यह सुझाव दिया गया है कि जीएसटीआर – 3बी को इस प्रकार संशोधित किया जाए कि यदि जीएसटीआर -1 माह की 11 तारीख के बाद, 19 तारीख तक भी भरा जाए तो भी करदाता को उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट उसी माह मिल सके।

टीपीए के अध्यक्ष सी. ए. शैलेन्द्र सोलंकी ने कमिश्नर – सीजीएसटी को बताया की जीएसटीआर -3 बी को फाइल करने की अंतिम तिथि पर यदि रविवार या अन्य कोई अवकाश है, तो भी करदाता को लेट फीस लगाई जाती है जो न्यायसंगत नहीं है | एसोसिएशन द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि प्रारंभ में जीएसटीआर- 1, 2 और 3 फॉर्म फाइल करने की अवधारणा थी, जो उचित थी | उसे ही कायम रखा जाए तो कर-दाताओ को आपसी हिसाब मिलान करने में आसानी होगी|
टीपीए के सीजीएसटी सचिव सी. ए. कृष्ण गर्ग ने बताया कि जीएसटीआर- 3 बी फॉर्म के पांच अन्य बिंदुओ पर भी सरकार का ध्यान प्रतिवेदन के माध्यम से आकर्षित किया गया है| जिसमे प्रमुख रूप से रिवर्स चार्ज पर टैक्स , पूर्व के फाइल किए गए फॉर्म के संशोधन , इनपुट टैक्स के केंद्रीय कर व राज्य कर में समायोजन, कर के साथ ब्याज का भी विवरण जेसे सुझाव प्रतिवेदन में दिए गए हैं।
सीजीएसटी आयुक्त से मुलाकात के वक्त सी. ए. जे पी सराफ , सी. ए. अभय शर्मा व सी . ए . सुनील पी जैन भी मौजूद थे।

प्रतिवेदन की प्रति रेवेन्यू सेक्रेटरी भारत सरकार , चीफ़ कमिश्नर सीजीएसटी भोपाल , कमिश्नर एसजीएसटी इंदौर को भी भेजी गई है।

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