गुरु- शिष्य परंपरा के प्रति जितना सम्मान इंदौर में है, अन्यत्र नहीं- पं. चौरसिया
इंदौर : संगीत में खुदा बसता है, राम बसते हैं। ये कहना गलत है कि शास्त्रीय संगीत के प्रति लोगों में रुचि नहीं है। कलाकार की यह कसौटी है कि वह अपनी प्रस्तुति के जरिए श्रोताओं के दिलों को छुए। इंदौर में गुरु- शिष्य परंपरा के प्रति जितना सम्मान है, वह अन्यत्र नजर नहीं आता, इसीलिए इंदौर में स्वर वेणु गुरुकुल स्थापित करने का निर्णय लिया है।ये विचार ख्यात बांसुरी वादक पद्मविभूषण पण्डित हरिप्रसाद चौरसिया और प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्मभूषण और पढ़े











